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विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद में छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रभावशाली भागीदारी

विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद में छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रभावशाली भागीदारी

बिलासपुर - हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित 'विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद' में देशभर के युवाओं ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में युवाओं की भूमिका को सशक्त करना था। 

इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध व्यक्ति भी उपस्थित थे जैसे कि मनसुख एल० मांडविया ,भारत के श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), वित्त मंत्री छत्तीसगढ़ श्री ओ.पी चौधरी, प्रसिद्ध उद्योगपति आनंद महेंद्रा इत्यादि।

रायपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के हाथों से युवाओं की सेंड ऑफ सेरीमनी की गई थी जिसमें टंक राम वर्मा जी, छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री तथा छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे। दिल्ली पहुंचने पर छत्तीसगढ़ के युवाओं को माननीय तोखन साहू जी, राज्य मंत्री, आवास एवं शहरी मंत्रालय, भारत सरकार के आवास पर सम्मानित किया गया।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने 'सस्टेनेबल इंडिया फॉर ए डेवलप्ड इंडिया' विषय ' भारत को स्टार्टअप कैपिटल बनाना ' एवं 'भारत को वैश्विक विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना' जैसे विषयों पर युवाओं ने अपनी बात रखी। उन्होंने भारत में सफल सतत विकास मॉडलों को अपनाने, युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सरकारी नीतियों के समर्थन पर जोर दिया। उनके विचारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सराहा।

दंतेवाड़ा निवासी नंदिनी दीक्षित ने विकसित भारत युवा लीडर्स डायलॉग में प्रधानमंत्री के समक्ष 'विकसित भारत के लिए सतत भारत' का अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सतता (sustainability) एवं पर्यावरण संरक्षण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिस पर सबको साथ में आकर कार्य करने की आवश्यकता है। नंदिनी ने 3स (3's) पर जोर दिया स्वयं समाज एवं सरकार किस तरह हम स्वयं में बदलाव ला सकते हैं, जो समाज के लिए पर्यावरण के संदर्भ में हितकारी हो एवं किस तरह युवा और सरकार साथ में मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए और सतता के लिए कार्य कर सकते हैं। उन्होंने अपने द्वारा किए गए कार्यों को प्रस्तुत किया जैसे आमोद अरण्य जिसमें नंदिनी और उनके पिताश्री संदीप दीक्षित की बंजर भूमि पर शहीदों के नाम पर वृक्षारोपण कर वन विकसित कर रहे हैं। 

इसकी शुरुआत उन्होंने 26 जुलाई 2019 को कारगिल विजय दिवस पर की थी। नंदिनी एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान भी चलाती है। जिसके तहत वह हर महीने की 19-25 तारीख को शहीदों के नाम पर पौधरोपण करने के लिए लोगों को प्रेरित करती है। नंदिनी ने यह गुहार की इस तरीके का मॉडल हर जिले में होना चाहिए ताकि हमारा युवा हमारे शहीदों के बारे में पढ़ भी सके और उनकी याद में पर्यावरण संरक्षण की ओर में कदम भी बढ़ा सके।

जगदलपुर निवासी यश ललित जिंदल ने युवा नेतृत्व संवाद में प्रधानमंत्री के समक्ष 'विकसित भारत के लिए सतत भारत' का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने सततता को तात्कालिक आवश्यकता बताते हुए जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और संसाधनों की कमी जैसे मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। इसी के साथ उन्होंने भारत में पहले से मौजूद स्थिरता के सफल मॉडलों को दोहराने पर जोर दिया। जैसे इंदौर का कचरा प्रबंधन मॉडल और प्लास्टिक से सड़क निर्माण के साथ नंदिनी ने माय जीओवी  जैसे पोर्टल में सफल केस स्टडीज को भी लाने का सुझाव रखा।
उन्होंने युवाओं की भागीदारी और सरकार की मजबूत नीतियों के साथ केंद्रित मॉनिटरिंग, सामाजिक ऑडिट व वित्तीय प्रोत्साहन पर जोर दिया। उनके विचारों को प्रधानमंत्री व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सराहा।

दोनों युवाओं का यह दृष्टिकोण दर्शाता है कि सततता को अपनाकर ही भारत को 'विकसित भारत' बनाया जा सकता है। 

बिलासपुर के शुभम तिवारी एवं श्रवणी पुरीगुंटी ने भारत को विश्व का स्टार्टअप कैपिटल बनाने पर प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत किये।

वर्तमान में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। भारत 2047 तक विश्व का स्टार्टअप कैपिटल बनने की कोशिश कर रहा है। यह उसके लोगों के सामूहिक सपनों से प्रेरित होकर इस परिवर्तन को आगे बढ़ाएगा। नवाचार को अपनाकर, अनुसंधान और विकास (R&D) पर अधिक ध्यान केंद्रित करके, निर्माण कार्य में आने वाले संकटों को हल करके, आयात से अधिक निर्यात बढ़ाकर, ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाकर और उद्यमशीलता की संस्कृति को प्रोत्साहित करके, भारत अपनी पूरी क्षमता को उजागर करेगा।

कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के छात्र देवराज ने भी भारत को वैश्विक विनिर्माण (Manufacturing) का प्रमुख केंद्र बनाना, जहाँ नवाचार, कुशल कार्यबल, स्थायी विकास और उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाए जाएं, जो विश्व बाजार की मांगों को पूरा करें जैसे विचार प्रस्तुत किये।

यह संवाद देश के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने और उन्हें नीति निर्माण में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

युवाओं ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का इस अवसर के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद दिया एवं यह कार्यक्रम एक नई सोच को बढ़ावा देते हुए सफलता के साथ समाप्त हुआ।

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