छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अंतर्गत संचालित ग्लेजिंग यूनिटों के सैकड़ों शिल्पकार मानदेय नहीं मिलने के कारण परेशान हैं क्योंकि बोर्ड में कई महीनो से प्रबंध संचालक ही राज्य सरकार द्वारा पदस्थ नहीं किया गया है इसलिए वित्तीय स्वीकृति के अभाव में शिल्पकारों के साथ ही यूनिटों में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट है बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ने राज्य शासन से प्रबंध संचालक पदस्थ करने की मांग की है ।
छत्तीसगढ़ सर्व कुम्हार समाज के प्रदेश महासचिव जागेश्वर प्रसाद कुंभकार ने विगत दिनों माटी कला बोर्ड के कर्मचारी श्री साकेत राजपुरिया के कार्यों की जांच के मांग के संबंध में जांच बयान जारी किया था अपने उस बयान का खंडन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिस समय थार गाड़ी ग्लेजिंग यूनिट के कार्य प्रदर्शनी कैमरे की खरीदी जिस समय बोर्ड में हुई उस समय साकेत राजपुरिया बोर्ड में पदस्थ नहीं थे विभाग में समस्त प्रकार के कार्य प्रबंध संचालक के अनुमोदन उपरांत ही किए जाते हैं वर्तमान में माटी कला बोर्ड में हुए कर्मचारियों की सैलरी पूर्व प्रबंधक संचालक के निर्देश अनुसार कम हुई है तथा कर्मचारियों की छटनी भी प्रबंध संचालक के निर्देशन में हुई है श्री साकेत राजपुरिया द्वारा माटी कला बोर्ड में उनकी पदस्तीकरण के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता नहीं की गई है,इसका मैं खंडन करता हूं साथ ही छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड गठन वर्ष 2012 से वर्ष 2024 मार्च तक के कार्यों की जांच की मांग भी समाज करता है मेरा व्यक्तिगत उद्देश्य साकेत राजपुरिया के कार्यों के जांच से नहीं है बल्कि छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के कार्यों से है उस समय श्री साकेत राजपुरिया पदस्थ नहीं थे उनकी न्युक्ति 11 जुलाई 2024 को प्रबंधक के पद पर पदस्ति माटी कला बोर्ड में हुई है,
छत्तीसगढ़ सर्व कुमार समाज के प्रदेश महासचिव जागेश्वर प्रसाद कुंभकार ने स्वयं के बयान पर खंडन करते हुए श्री साकेत राजपुरिया को हटाने की बयानी को निराधार बताया यह स्पष्ट किया है की सेवानिवृत्ति से पहले तत्कालीन बोर्ड के प्रबंध संचालक रहे सुधाकर खालको एवं बोर्ड में पूर्व में पदस्थ अधिकारियों के समस्त कार्यों और वित्तीय और अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
