छत्तीसगढ़/बिलासपुर—राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कलेक्टर को हरिहर ऑक्सीजोन संयोजक के खिलाफ जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है। आपको बता दें कि,हरिहर आक्सीजोन समिति के नाराज सदस्यों ने संयोजक के खिलाफ मंत्री टंकराम वर्मा से लिखित शिकायत भी की है।
इस शिकायत में कहा गया है कि संयोजक ,समिति के नाम पर असंवैधानिक कार्य को संचालित कर रहा है। साथ ही , हरिहर आक्सीजोन के नाम पर अब तक शासकीय/ गैर शासकीय संस्थानों से लाखों रूपयों की वसूली कर चुका है। जो आज भी जारी है… जिसका रूपयों का कोई हिसाब किताब नहीं है।
हरिहर ऑक्सीजन जोन पौधा रोपण समिति के नाम पर असंवैधानिक कार्य किए जाने और आर्थिक गड़बड़ी के खिलाफ समिति के नाराज सदस्यों ने जब ये जाना तब उनके द्वारा बनाए संस्था ही को छोड़ दिया गया।
आपको बता दें कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर अपनी जेब भर रहे हैं. शहर की नामी गिरामी हस्तियों को इनके द्वारा इस ग्रुप में जोड़ कर रखा गया है , जिससे उनकी कारनामों की जानकारी किसी को ना हो . बात तो और भी बहुत हैं....
जिससे संयोजक भुवन वर्मा के खिलाफ सहायक पंजीयन फॉर्म्स एवं संस्थाएं में शिकायत की गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए खेल एवं युवा कल्याण विभाग राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंकराम वर्मा ने बिलासपुर कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिए हैं
समिति के नाराज सदस्यों ने शिकायत पत्र में बताया कि बिलासपुर शहर से कुछ किलोमीटर की दूरी ,कोनी में अरपा किनारे हरिहर ऑक्सीजोन पौधरोपण समिति के नाम पर असंवैधानिक कार्य किया जा रहा है।
नदी और नदी से लगी जमीन को संयोजक भुवन वर्मा और उनके साथी अवैध कब्जा भी करवा रहे हैं। आक्सीजोन विकास के नाम सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं से लाखों रुपए की वसूली हो रही है।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को समिति के सदस्यों ने बताया कि संयोजक ने समिति के ही कुछ सदस्यों के साथ मिलकर लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा किया है। शहर के नामचीन संस्थानों से पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन के नाम पर पैसों की उगाही किया और कर रहा है। पैसे का कोई हिसाब नहीं है। लाखों रुपए लेकर कुछ हजार की रसीद काटी जाती है। बाकी पैसा संयोजक और उसके साथी डकार जाते हैं।
समिति के सदस्यों ने कहा है कि समिति के संयोजक महोदय,बड़े समाजसेवी संस्थाओं, विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से लाखों रुपए चंदा वसूलते हैं।
इस मामले में निष्पक्ष जांच के साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। समिति के सदस्यों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री टंकराम वर्मा ने कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए,इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई करें।
