प्रशासन का भी नजर नहीं
नियम विरुद्ध पर्यावरण प्रदुषण
जीपीएम से कृष्णा पाण्डेय की रिपोर्ट
आपको बता दें कि ईट बनाने के कार्य के लिए शासन द्वारा सिर्फ कुम्हार को 50000ईट के लिए छूट है. अन्य जाति को तहसीलदार एवं खनीज अधिकारी से लाइसेंस लेना होता है. वो भी कुम्हार को सिर्फ जीवन यापन के लिए छूट दी जाती है. मगर जीपीएम जिला मे धड़ल्ले से ईट का कारोबार चल रहा जिसकी जानकारी खनिज विभाग को है या नहीं कहा नहीं जा सकता.
इंदिरा आवास सकोला निवासी हरिकांत केवट, कार्तिक केवट, रमेश केवट बड़े धड़ल्ले से लाल ईट का कारोबार कर रहे है. क्या कुम्हार के छूट है तो केवट का यह कारोबार अबैध नहीं है. लाखो रूपए कि कारोबार बस यूँ ही खुलेआम चलना खनिज विभाग की लापरवाही दर्शाता है ,इस पर कलेक्टर जीपीएम को तत्काल कार्यवाही कर खनिज विभाग को सुधारने कि जरुरत है. जिससे पर्यावरण सुरक्षित होगा एवं काला धंधा बंद हो ।
