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कोहरे के मौसम के दौरान संरक्षित ट्रेन परिचालन हेतु फॉग सेफ डिवाइस

कोहरे के मौसम के दौरान संरक्षित ट्रेन परिचालन हेतु फॉग सेफ डिवाइस

*“संरक्षित ट्रेन परिचालन के लिए प्रतिबद्ध दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे”*

*“लगभग 1000 फॉग सेफ डिवाइस से सुरक्षित रेल यात्रा”*

बिलासपुर : 26 जुलाई 2024 

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) भौगोलिक रूप से विविध क्षेत्रों में फैला हुआ है । एक ओर, यह समतल मैदानी भागों से होकर गुजरता है, तो दूसरी ओर घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से भी होकर गुजरता है । इन ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दियों के मौसम में घना कोहरा ट्रेन परिचालन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है । विशेष रूप से खोंगसरा और भनवारटंक स्टेशनों के पास बिलासपुर-कटनी सेक्शन में कई ट्रेनें कोहरे से प्रभावित होती हैं । 

हर साल, सर्दियों के महीनों में कोहरे के मौसम के दौरान, ट्रेन परिचालन में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है । इन चुनौतियों को कम करने और सुरक्षित ट्रेन परिचालन सुनिश्चित करने के लिए, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने लगभग 1000 फॉग सेफ डिवाइस लगाए हैं । ये उपकरण विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हैं ताकि लोको पायलटों को घने कोहरे की स्थिति में ट्रेन चलाने में सहायता मिल सके ।

फॉग सेफ डिवाइस एक जीपीएस आधारित नेविगेशन सिस्टम है, जो लोको पायलट को मार्गदर्शन और सटीक जानकारी प्रदान करता है । इस उपकरण में एक एंटीना होता है जिसे इंजन के ऊपरी हिस्से में फिक्स किया जाता है, और यह एंटीना सिग्नल को रिसीव करने के लिए लगाया जाता है। इसके अलावा, इसमें एक मेमोरी चिप होती है जिसमें रेलवे रूट की पूरी जानकारी फीड होती है । खास बात यह है कि इसमें रूट में पड़ने वाले लेवल क्रॉसिंग, जनरल क्रॉसिंग सिग्नल और रेलवे स्टेशन की जानकारी पहले से ही दर्ज होती है ।

यह डिवाइस लोको पायलट को सिग्नल, लेवल क्रॉसिंग गेट (मैनयुक्त और मैनरहित), न्यूट्रल सेक्शन आदि के बारे में ऑन-टाइम जानकारी (प्रदर्शन के साथ-साथ ऑडियो मार्गदर्शन) प्रदान करता है । इस प्रणाली से भौगोलिक क्रम में आने वाले अगले तीन निर्दिष्ट स्थलों की लगभग 500 मीटर की दूरी तक की जानकारी मिलती है । ट्रेन परिचालन सिग्नल प्रणाली पर आधारित होता है, लेकिन घने कोहरे के चलते सिग्नल दिखाई नहीं देते, जिससे ट्रेनों को चलाने में काफी परेशानी होती है । ऐसे में ड्राइवर को सिग्नल ढूंढने में मुश्किल होती है और ट्रेनों को बहुत धीमी गति से चलाना पड़ता है ताकि सिग्नल पार किया जा सके। फॉग सेफ डिवाइस के उपयोग से ट्रेन के चालक को काफी सुविधा मिलती है ।

फॉग सेफ डिवाइस सभी प्रकार के अनुभागों जैसे सिंगल लाइन, डबल लाइन, विद्युतीकृत और गैर-विद्युतीकृत अनुभागों के साथ ही सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक और डीजल इंजनों, EMU/MEMU/DEMU के लिए उपयुक्त है । इस डिवाइस में 18 घंटे के लिए इन-बिल्ट रीचार्जेबल बैटरी बैकअप है। यह उपकरण पोर्टेबल, आकार में कॉम्पैक्ट, वजन में हल्का और मजबूत डिजाइन वाला है। फॉग सेफ डिवाइस एक बैटरी ऑपरेटेड यंत्र होता है जिसे ट्रेन के इंजन में रखा जाता है । लोको पायलट अपनी ड्यूटी शिफ्ट शुरू करने पर इस डिवाइस को अपने साथ आसानी से लोकोमोटिव तक ले जा सकते हैं और इसे लोकोमोटिव के कैब डेस्क पर आसानी से रख सकते हैं । यह डिवाइस कोहरे, बारिश या धूप जैसी मौसमी परिस्थितियों से अप्रभावित रहता है ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे इन फॉग सेफ डिवाइस की सहायता से सुरक्षित और संरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित कर रही है । इन उपकरणों का उपयोग न केवल ट्रेन संचालन की विश्वसनीयता में सुधार करता है, बल्कि ट्रेन की देरी को भी कम करता है और समग्र यात्री सुरक्षा को बढ़ाता है । इस पहल के माध्यम से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने ट्रेन संचालन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार किया है, जिससे यात्रियों को बेहतर और समय पर सेवा मिलती है । यह कदम रेलवे के आधुनिकरण और तकनीकी उन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे रेलवे संचालन में भविष्य में और भी सुधार होने की संभावना है ।

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