सरपंच पति एवं भाई दोनों मिलकर महिला को कर रहे प्रताड़ित.... पीड़ित महिला ने अपने साथ न्याय की गुहार लगाई
बिलासपुर जिले के कोटा ,रतनपुर के ग्राम सीस निवासी एक पीड़ित महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कर न्याय की गुहार लगाई है । और कहा की सरपंच पति जगमोहन डिक्सेना एवं भाई बृजमोहन डिक्सेना ,महिला को आए दिन बदनाम कर रहे हैं। जिससे महिला इन दोनों के आतंक से भयभीत हैं।
महिला ने कहा कि आये दिन दोनों भाई किसी न किसी तरीका से उसे मानसिक रूप प्रताड़ित व बदनाम कर रहे हैं जिसके कारण वह बहुत परेशान है ।
साथ ही इनके द्वारा कई साल से काबिज भूमि के बाउंड्रीवाल को उनके परिवार की अनुपस्थिति में अवैध तरीके से तुड़वा दिया गया । साथ ही उनके घर का विजली कनेक्शन भी काट दिया गया ।
2 जुलाई को समय लगभग दोपहर 12-3 बजे के बीच में जब मैं अपने घर पर नहीं थी, पंचायत के टीकाकरण कार्य में गई हुई थी, इसी बीच में सरपंच मालती डिक्सेना पत्ति जगमोहन डिक्सेना, सरपंच पति - जगमोहन डिक्सेना और उप सरपंच राम लखन जायसवाल
निवासी ग्राम सीस के द्वारा बिना कोई सूचना दिये प्रार्थीया के बाउण्ड्रीवाल को बलपूर्वक गैर कानूनी पक्षपात पूर्ण तरीका से तोड़वा दिये थे ,
जिसके संबंध में रतनपुर थाने में सूचना दर्ज करायी गई थी ।
महिला ने बताया कि इसी बात से दोनो भाई जगमोहन डिक्सेना एवं बृजमोहन डिक्सेना दोनों चिढ़कर ,गांव में उन्हें अमर्यादित गाली दे रहे हैं ।
महिला ने यह भी रो रोकर मीडिया को बताई कि जग मोहन डिक्सेना पेशे से शासकीय शिक्षक के पद पर होते हुए उनके मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं जिन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ।
साथ ही ये शिक्षक द्वारा ,जब भी आते-जाते महिला को देखता है धमकी देते हैं कि तुमको गांव में रहने नहीं दूंगा निपटा दूंगा, मेरे अधिकारी और नेता से पहचान है । मितानीन के पद से हटवा दूंगा।
पीड़ित महिला को अप्रिय घटना का होने लगा है भय
इसी कारण महिला ने न्याय के लिए रतनपुर थाने का दरवाजा खटखटाया
महिला ने बताया कि ,कभी भी दोनो भाई मेरे साथ अप्रिय घटना घटित कर सकते हैं।
ये लोग मुझे लगभग 10 वर्ष से परेशान कर रहे हैं, मेरे पति बाहर कमाने खाने चले जाते हैं, मैं घर में अकेली रहती हूं इन लोगों के इस तरह की करतूत से हर समय भय बना रहता है, जिसके कारण कारण मुझे थाना में शिकायत करनी पड़ रही है ।
दोनों भाई अपने पद पावर का गलत फायदा उठा रहे है अब मेरे जान व इज्जत दोनों का खतरा है स्वयं या किसी अन्य के द्वारा मुझे नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
