वीओ- स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में लगभग 25 हाथियों का झुंड है. रात को जंगल से निकाल कर गांव की ओर आते हैं. फिर सुबह में जंगल की ओर चले जाते हैं. इस कारण गांव के बुजुर्ग, महिला व बच्चे शाम होते ही घरों में दुबके रहने को मजबूर है. बताते चलें कि सहसपानी,मल्दा,कनकबीरा,अचानक पाली,नरेश नगर सहित दो दर्जन से अधिक गांव में हाथियों का झुंड विचरण कर रहे हैं। और क्षेत्र के किसानों की फ़सल को नुकसान पहुंचाया है । जनहानी तो अभी तक नही हुई है, लेकिन फ़सल मकान को भारी नुकसान हुआ है।
वीओ- वन विभाग की माने तो गोमर्डा अभ्यारण वन्यप्राणियों के लिए काफी अच्छा है, वन्यप्राणी बेखौफ जंगलों में विचरण कर रहे। पिछले 13 जून 2023 से हाथियों का एक समूह जंगल में विचरण कर रहा है । लम्बे समय से क्षेत्र में हाथियों का रहवास करना जंगल के अनुकूलता को दर्शाता है। हाथियों का ग्रुप शांत है, किसी प्रकार की कोई जन हानी नही पहुंचाया है फ़सलों की जो क्षेत्र हुई है उन सभी लगभग 150 किसानों को मुआवजा राशि दे दिया गया है।
पिछले 1 साल से हाथियों का क्षेत्र में होना, हाथियो को जंगल में मिल रहे अनुकूल वातावरण को दर्शाता है। अब देखना होगा की क्या इन बेजुबान वन्यप्राणियों के लिए क्षेत्र में कोई स्थाई योजना बनाती है या फिर इन्हें यूं ही भटकते रहना पड़ेगा।
