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वृक्ष अनोखा मंकी जैकफ्रूट...औषधीय तत्वों का है खजाना

 वृक्ष अनोखा मंकी जैकफ्रूट

औषधीय तत्वों का है खजाना

बिलासपुर -  आप सभी ने बहुत से फल देखे होंगे । लेकिन इस अनोखे फल से बहुत कम लोग परिचित है। आर्टोकार्पस लकुचा, जिसे बड़हल या बड़हर या मंकी जैक फ्रूट के नाम से भी जाना जाता है, मोरेसी परिवार का एक उष्णकटिबंधीय सदाबहार फलदार वृक्ष प्रजाति है। यह पूरे भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाता है। इसका वृक्ष 10 -15 मीटर ऊंचा होता है। इसकी पत्तियां 25 -30 सेंटीमीटर लंबी एवं 15 -20 सेंटीमीटर चौड़ी होती है। इसके फल आकार में बेडौल होते हैं। हरे रंग का कच्चा फल पकने पर पीला हो जाता है जिसे खाया जाता है। खाने में इसका स्वाद खट्टा, मीठा तथा तीखा होता है। इसके अंदर छोटे-छोटे कटहल जैसे कोए  होते हैं। फल का आकार 2 से 5 इंच होता है।
पोषक तत्वों का है भंडार

वैज्ञानिक शोधों से यह ज्ञात हुआ है कि बड़हल का पका फल पोषण से भरपूर होता है। इसके फल में एंटीऑक्सीडेंट के साथ-साथ सेहत के लिए उपयोगी तमाम मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके फल को विटामिन का भंडार भी माना जाता है।  बड़हल में बीटा कैरोटीन, विटामिन सी, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन, जिंक तथा कॉपर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा बड़हल के फल में एंटीडायबिटिक, एंटीइन्फ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरस गुण भी पाए जाते हैं। बड़हल का फल ही नहीं इसके बीज, छाल तथा पत्ते भी सेहत के लिए असरदार माने जाते हैं।
त्वचा को रखें जवां

इसके एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण इसका सेवन त्वचा को चमकदार,दाग धब्बे रहित झुर्री से बचाने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल तथा एंटीमाइक्रोबॉयल गुण त्वचा के घाव, स्किन एजिंग जैसी समस्याओं से निजात दिलाने में असरदार माना जाता है। पेड़ की छाल तथा पत्तों को सुखाकर घाव में लगाने से वे जल्दी ठीक हो जाते हैं ।

लिवर को रखें स्वस्थ

एंटीइन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल होने के कारण बड़हल के पके फल का सेवन लीवर के लिए टॉनिक की तरह काम करता है तथा लीवर की क्रियाशीलता बढ़ाकर उसको मजबूत करता है।

डायटिक फाइबर का है स्त्रोत

यह डायटिक फाइबर और पॉली फिनाल्स का भी अच्छा स्रोत है जो मोटापा, डायबिटीज, कैंसर, जोड़ों के दर्द, हृदय रोग होने की आशंकाओं को कम करता है। साथ ही पॉली फीनोल्स न्यूरो डिजनरेटिव बीमारियां होने की आशंकाओं को भी कम करता है।

अपच को करें दूर

बड़हल का फल अपच को रोकता है और पाचन को सुचारू बनाए रखने में मदद करता है। इसके फल और बीजों को सुखाकर पाउडर का सेवन अपच की समस्या को दूर करने में लाभदायक है क्योंकि यह डाइटरी फाइबर का समृद्ध स्रोत है जो कब्ज से छुटकारा दिलाता है।

रोके बालों का झड़ना

फल में विटामिन ए और सी की प्रचुर मात्रा होती है जो बालों के लिए विटामिन का काम करती है। बड़हल के नियमित सेवन से बेरौनक और फीके पड़ गए बालों में जान आ जाती है। इसके सेवन से बाल मजबूत, चमकदार और घने हो जाते हैं।

स्ट्रेस को करें कम

इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी को पूरा करके एनीमिया से बचाने में मदद करते हैं तथा ब्लड सरकुलेशन को नियंत्रित करते हैं। जिससे मानसिक तनाव का स्तर कम होता है।


आंखों को रखें स्वस्थ

बीटा कैरोटीन तथा विटामिन ए से भरपूर बड़हल का फल आंखों की दृष्टि को बनाए रखने में सहायक होता है। विटामिन ए आंखों के स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है और इस विटामिन से भरपूर आहार रतौंधी को दूर करने में भी मदद करता है।

बड़हल के पेड़ के अन्य भागों में भी ऐसे तत्व होते हैं जो एचआईवी, हरपीज सिंपलेक्स वायरस, फीताकृमि जैसी समस्याओं से बचाने एवं निजात दिलाने की क्षमता रखते हैं। कैंसर के खतरे को कम करता है तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।


संरक्षण एवं संवर्धन आवश्यक

छोटा सा दिखने वाला फल कितना उपयोगी है। धीरे-धीरे यह विलुप्त हो रहा है क्योंकि हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं । अपने नैसर्गिक गुणों के कारण आर्टोकार्पस लकुचा पोषण, गरीबी उन्मूलन  पर्यावरण, कृषि और वन पारिस्थितिकी तंत्र विविधीकरण के लिए एक संभावित वृक्ष प्रजाति है और आजीविका सुरक्षा के लिए नए बाजार के अवसर पैदा करने में यह सक्षम है। आवश्यकता इसके संरक्षण एवं संवर्धन की है।

अजीत विलियम्स, साइंटिस्ट (फॉरेस्ट्री), बीटीसी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर

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