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सफलता के नए सोपान गढ़ रहा राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला ...कृषि महाविद्यालय बिलासपुर की उपलब्धि

 सफलता के नए सोपान गढ़ रहा राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला ...

कृषि महाविद्यालय बिलासपुर की उपलब्धि

बिलासपुर - बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के अंतर्गत चोरभट्टी स्थित राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला में उत्पादित जैविक उत्पादों के विक्रय से प्राप्त कुल राशि रुपए 10 लाख का धनादेश डॉ. आर.के. एस. तिवारी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के माननीय कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को भेंट किया गया । 

इस अवसर पर डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक अनुसंधान सेवाएं, श्री उमेश अग्रवाल, लेखा नियंत्रक, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, डॉ. संजय कुमार वर्मा, प्राध्यापक (उद्यानिकी), श्री गजानन पटेल, सहायक परीक्षा नियंत्रक एवं आहरण एवं वितरण अधिकारी, डॉ. विनोद कुमार निर्मलकर, वैज्ञानिक (पादप रोग विज्ञान) कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर उपस्थित थे। 

कुलपति महोदय ने इस उपलब्धि पर अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर तथा राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को बधाई प्रेषित किया।

जैव नियंत्रण प्रयोगशाला का मुख्य उद्देश्य रोगों और कीटों के नियंत्रण के लिए जैविक उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन है। जैव नियंत्रण उत्पाद रोग और एकीकृत कीट प्रबंधन का एक अभिन्न और अनिवार्य हिस्सा है। राज्य जैव नियंत्रण प्रयोगशाला में अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. आर.के.एस. तिवारी के नेतृत्व एवं कुशल मार्गदर्शन में  डॉ. आर.के.एस. तोमर, प्राध्यापक (कीट विज्ञान), डॉ. विनोद कुमार निर्मलकर, वैज्ञानिक (पादप रोग विज्ञान), डॉ. प्रमेंद्र कुमार केसरी, वैज्ञानिक (मृदा विज्ञान), तकनीकी सहायक श्री राजेंद्र कुमार रात्रे, श्रीमती तुलसी मिरी एवं श्री राकेश साहू की टीम द्वारा सन 2014 से जैविक उत्पादों का उत्पादन शुरू किया गया और तब से प्रयोगशाला ने अपनी उत्पादन क्षमता में छलांग और सीमा में वृद्धि कर छत्तीसगढ़ के किसानों की आवश्यकता के अनुसार नए जैव नियंत्रण उत्पादों को जोड़ा है।

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