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अलर्ट: गेहूं की भराई उपचारित बारदानों में ही करें

 अलर्ट: गेहूं की भराई उपचारित बारदानों में ही करें

भंडार कक्ष के लिए जारी हुई एडवाइजरी


बिलासपुर- करना होगा उपचारित बारदानों का उपयोग अन्यथा भंडारित गेहूं में घुन के साथ फफूंद लगने की आशंका बनी रहेगी। यह सलाह गेहूं वैज्ञानिकों ने इसलिए जारी की है क्योंकि आ रही नई फसल में नमी, मानक से ज्यादा मात्रा में है। 

उपाय मेहनत भरा जरूर लग सकता है लेकिन इस उपाय से दीर्घ अवधि तक गेहूं को सुरक्षित रखा जा सकेगा। इसके अलावा भंडारगृहों की नियमित निगरानी भी आवश्यक होगी क्योंकि अनेक प्रकार के कीट के लिए माकूल मौसम बने हुए हैं। ऐसे में अतिरिक्त सतर्कता वांछनीय है। 


क्या है उपचारित बारदाना

अनाज भंडारण के लिए वैसे तो नई बोरियों का उपयोग किया जाना चाहिए लेकिन हर बार ऐसा कर पाना संभव नहीं होता। ऐसे में पुरानी बोरियों को 0.1% मेलाथियान 50 ई. सी.के घोल में 10 से 15 मिनट तक भिगोएं। इसके बाद छायादार जगह पर सुखाएं। अच्छी तरह सूखने के बाद तैयार है अनाज भंडारण के लिए उपचारित बारदाना। यह उपाय सुरक्षित भंडारण को सुनिश्चित करता है। 

ऐसे बचाएं चूहों से

चूहों की रोकथाम के लिए 1 किलो चना या गेहूं के दानों में 20 ग्राम सरसों का तेल मिलाकर 25 ग्राम जिंक फास्फाइड के साथ 10-10 ग्राम की पुड़िया बनाकर चूहों के बिल में रखें। इसके पहले बिना दवाई वाली उपज की पुड़िया रखें ताकि चूहे आकर्षित हों। इसके अलावा स्टिकी ट्रैप का उपयोग करें, तो यह उपाय बेहद कारगर होगा और भंडारित उपज सुरक्षित रखी जा सकेगी। 

ऐसे करें भंडारण

अनाज से भरी बोरियों को जमीन की नमी से बचाने के लिए लकड़ी के पाटों पर रखना होगा। दीवारों से मानक दूरी पर बोरियों के स्टेक के बीच कम से कम 30 सेंटीमीटर का अंतर होना अनिवार्य होगा। कीड़े उड़ते हुए मिलने पर अल्युमिनियम फास्फाइड की सात टैबलेट प्रति 1000 घन फुट के अंतर में रखें। ध्यान रखें कि भंडार गृह में पशु आहार, उर्वरक और कीटनाशक नहीं हों। 


 सुरक्षित भंडारण  बड़ी चुनौती

कुछ कीट अनाज, दाल और उनकी फल्लियों पर दिए गए अंडों के जरिये घरों में पहुंचते हैं, तो अनाज परिवहन करने वाले वाहन भी कीट की पहुंच भंडारगृह तक आसान बनाते हैं। सर्वाधिक खतरा पुरानी बोरियों से होता है जिनमें पहले से ही कीट मौजूद रहते हैं। इसलिए सुरक्षित भंडारण के जरुरी उपाय का पालन गंभीरता से करना होगा। 

डॉ.दिनेश पांडे, साइंटिस्ट (एग्रोनॉमी), बीटीसी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर 
अनुचित भंडारण सही नहीं

अनुचित भंडारण कीट  विकास को प्रोत्साहित करता है। भृंग, घुन और पतंगे जैसे कीड़े, भंडारित फसलों को संक्रमित कर भारी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे वजन में कमी आती है और गुणवत्ता में गिरावट होती है।

डॉ.अर्चना केरकट्टा, असिस्टेंट प्रोफेसर (एंटोंमोलॉजी), बीटीसी कॉलेज ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन, बिलासपुर

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